पुराना अनुभव

ये भी किसी विज्ञान के नियम की तरह ही है। बात पुरानी, पर हर बार नई लगती है। जब भी कोई व्यक्ति नया काम शुरू करता है, तो एक समय तक उसे कोई घास नही देता। वह दिन रात फिक्र में घूमता है, पर काम नही मिलता जब तक कि कोई उसे आज़माने का खतरा नही उठाता। ये बीच का समय definite critical time है, और ये काम उसका threshold है। उत्कृष्ट निष्पादन से वो पहचान चाहता है और फिर उसे काम मिलना शुरू हो जाता है। अच्छे व्यवहार, समय पाबंदी, और बेहतर निष्पादन से उसके ऑर्डर्स बढ़ने लगते हैं और फिर अचानक उसका आर्डर exponentially बढ़ जाता है, जिसे उसकी क्षमता match नही कर सकती। उसके काम मे गिरावट होनी शुरू होती है। फिर शाख टूट जाती है। जो इस उठान पर भी मैनेज कर ले गया, वो आगे भी बढ़ता जाता है।

1 लाख से शुरू करने वाले लोग 10 साल में 100 करोड़ के टर्न ओवर पर और 15 साल में 1000 -10000 करोड के टर्नओवर पर पहुच जाते हैं । उदाहरण अनेकों हैं । अपने critical time तक इंतजार कीजिये और जब exponential phase में पहुचे तो डूब न जाएं।
-रणविजय