नए लोग, नए पेड़

आज चंडीगढ़ में घूमते हुए एक नए पेड़ के दर्शन हुए। वैसे तो बहुत तरह के पेड़ वनस्पतियों में जंगलों में मिलते हैं पर रिहायशी इलाके में आमतौर पर फलदार पेड़ ही मिलते हैं । बड़ा ताज्जुब हुआ कि यह कौन सा फल है और यह कौन सा फलदार पेड़ है? जितनी हमें उत्सुकता और हर्ष होता है नए लोगों को जानने में ,उससे कम उत्साह नहीं था मेरे अंदर यह जान लेने के लिए कि यह पेड़ कौन सा है ?मैंने अपने  लोकल मित्र से पूछा, तो वह भी बहुत देर तक देखता रहा पर बता नहीं पाया आप भी देखिए इस अजनबी को और पहचानने की कोशिश कीजिए ।आज का मेरा सबसे नया अजनबी मित्र यही पेड़ रहा जिसके पास में लगभग 8 घंटे रहा।

  1. आग़ाज़ ही बेहतरीन है तो अंजाम रोचक ही होगा। वैसे इस वृक्ष को कहावत में भी स्थान मिलता है। बहुत ही सुगमता से जो दर्शनार्थ उपलब्ध न हो उसके लिये “अरे भाई, तुम तो गूलर के फूल हो गये हो।”
    आपकी पूरी कहानी का इंतजार रहेगा। आशा है ये गूलर का फूल न होगी।
    हाहाहाहा….😄😄

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