Me too campaign

#Metoo*campaign वैसे तो मैं इस मुद्दे पर कुछ कहना नही चाह रहा था। काफी लोगों ने इसको अभिजात्य कह कर मखौल भी उड़ाया, कुछ अभी भी ,तब नही तो अब क्यों? कह कर हंसी कर रहे हैं। पर ये ऐसा क्यों कर रहे हैं? वायरल हो जाना ज़रूर भेड़ चाल लगता है। क्या ये मीडिया…

साहित्य और पुस्तकों का भविष्य

कुछ दिनों पहले मैंने रेडियो में एक इंटरव्यू दिया था, जिसमे एक सवाल पूछा गया था कि इंटरनेट मोबाइल के युग मे साहित्य और पुस्तकों का भविष्य बचा ही कहां है। मैने पूर्ण आत्मविशास से कहा कि ये केवल ट्रांजीशन फेज है, ऐसा हमेशा रहेगा ये ज़रूरी नही। जिस तरह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आने से एक…

अहर्निश थी मेरी वो लेकिन….

अहर्निश थी मेरी वो, पर विदाई ज़रूरी थी, पीड़ा की गहराइयों से, अब रिहाई ज़रूरी थी। चेतना के हर पल क्षण में, सर्वव्याप्त रही वो, निशा में, तन्हाई में, ईश सी साक्षात रही वो, रीतियों, अनरीतियों, प्रतिष्ठा की जकड़न में, तुझको इस जन्म में हासिल न कर पाऊंगा पर अब इस दर्द के सागर से…

IPC 497

  #IPC497 What is significance of recent supreme court decision on abolition of IPC section 497? It’s being criticised for promoting adultery and disintegration of families? In essence, it is higher degree of liberation. It’s further extension of right of freedom and right of life.  It gives freedom of using your body organs in your…

एक कविता -अनिश्चय भरी मोहब्बत

मैं अकिंचन, मारा हूँ, तेरी द्रुत बदलती सम्वेदना का बहा हूँ भीषण प्रवाह में, कभी सूखी दरकती वसुंधरा सा सख्त, सर्द, निर्लिप्त बरफ सा जो परदा है एक स्पर्श और निमिष में, आइसक्रीम सा पिघला है निशा तक दर्प में उत्तुंग हिमालय की दीवार हो जाने किस प्रहर, पिघल फिर उमड़ते सागर का विस्तार हो…

नए लोग, नए पेड़

आज चंडीगढ़ में घूमते हुए एक नए पेड़ के दर्शन हुए। वैसे तो बहुत तरह के पेड़ वनस्पतियों में जंगलों में मिलते हैं पर रिहायशी इलाके में आमतौर पर फलदार पेड़ ही मिलते हैं । बड़ा ताज्जुब हुआ कि यह कौन सा फल है और यह कौन सा फलदार पेड़ है? जितनी हमें उत्सुकता और…

एक नई कहानी का पहला पैरा..

अमनदीप कौर कंप्यूटर साइंस बीटेक फर्स्ट ईयर, बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय की 17 लड़कियों में से एक थी। पर वह एक ही   सबसे अलग थी। पंजाबियों जैसा गोरा दूधिया रंग और कसा भरा हुआ शरीर ,उसके ऊपर 17 वर्ष की अवस्था का जादू, ऐसे में उसकी क्लास के 23 लड़कों के लिए बहुत मुश्किल थी।…

गोपाल दास नीरज-अश्रुसिक्त श्रद्धांजलि

पद्मभूषण से सम्मानित गीतकार गोपालदास नीरज का गुरुवार शाम निधन हो गया। उन्हें महाकवि भी कहा जाता था। वे 93 वर्ष के थे। साहित्य और फिल्मों में गीत रचना के लिए उन्हें अगली शताब्दी तक याद रखा जाएगा। गीत रचना,साहित्य में आजकल वैसे भी कम है, पर जो भी है वो नीरज , केदार नाथ…

तेरी बाहों में..

मजबूर हो ,तेरे होंठों की लाली चुरा ली मैने आज, गालों पर तेरे दांतों का हल्का निशान कर दिया। तुम शरमाई, सिमटी सी खड़ी रही, बाहें खोल कर मैंने सारा आसमान भर लिया।।