तीन स्त्रियां देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आती हैं। विभिन्न दिशाओं से आने वाली रेलगाड़ियों की तरह एक जंक्शन पर मिलती हैं ।इलाहाबाद संगम की नगरीे तीन नदियों की तरह ही तीन स्त्रियों को मिलाती है।
30 से 40 वर्ष के बीच के आयु की मन्दालसा, पल्लवी और चांदनी वेल सेटल्ड हैं। फूल अलग-अलग होते हुए भी सब में सुगंध एक ही है ।जीवन की विषमताओं ,कुरूपताओं और कहीं पुरुषों से प्रताड़ित, वह अपनी बेड़ियां काटने के लिए प्रयासरत हैं। ऐसे प्रयास में ही एक दिन वे अपने आप को escape velocity से प्रक्षेपित करती हैं और फिर काफी दूर निकलने के बाद याद आता है जमीन तो पीछे छूट गई।

इस यात्रा में आप शीघ्र ही शामिल होंगे ……


दर्द जोड़ता है। सुख तोड़ता है , ईर्ष्या से । दर्द माँजता भी है, करुणा और संवेदना देता है। दर्द महान है, मानवीयता देता है।