तेरी बाहों में..

मजबूर हो ,तेरे होंठों की लाली चुरा ली मैने आज, गालों पर तेरे दांतों का हल्का निशान कर दिया। तुम शरमाई, सिमटी सी खड़ी रही, बाहें खोल कर मैंने सारा आसमान भर लिया।।

दर्द की उड़ान

मित्र अभय कुमार के सौजन्य से आज मेरी पुस्तक ‘दर्द माँजता है..’ भारत सरकार के गृह मंत्री श्री राज नाथ सिंह को उनके जन्म दिन पर भेंट की गई। शुक्रिया ऐ दोस्त मेरी ज़िन्दगी में आने के लिए, हर लम्हे को इतना खूबसूरत बनाने के लिए, तू है तो हर ख़ुशी पर मेरा नाम लिख…