पुराना अनुभव

ये भी किसी विज्ञान के नियम की तरह ही है। बात पुरानी, पर हर बार नई लगती है। जब भी कोई व्यक्ति नया काम शुरू करता है, तो एक समय तक उसे कोई घास नही देता। वह दिन रात फिक्र में घूमता है, पर काम नही मिलता जब तक कि कोई उसे आज़माने का खतरा…

अनुपमा गांगुली का चौथा प्यार

कई दिनों से सोच रहा था कि जो किताब पढ़ो उसका रिव्यु भी लिखा करूँ। शुरुआत करता हूँ। आगे बाकियों का भी लिखूंगा। अनुपमा गांगुली का चौथा प्यार , 8 कहानियों का संग्रह है और अंत मे एक कई कहानियों की कहानी है, जो मैंने अभी नही पढ़ी। पर कहानियां पढ़ते वक्त एक परिपक्व लेखन…

Vibrancy on social media

I am member to many whatsapp and facebook groups and despite my busy shitty life, I peep in and observe conversation, trend , sitting at a distance. I invariably find that only those social media groups are vibrant, which have male -female interaction. This male-female interaction is little titillating, laced with beautiful selfie poses from…

हम और हमारी दुनिया

हम अपनी दुनिया खुद बुनते हैं।अगर हमने फेसबुक या व्हाट्सप्प पर एक ग्रुप और कुछ फॉलोवर बना लिए तो हमारे अटेंशन में केवल उन तक की बातें ही आती हैं। ये रियल लाइफ और वर्चुअल लाइफ फ्रेंड्स दोनों पर लागू है। फ़र्ज़ कीजिये, आप अचानक शेयर में ट्रेड करने लगे। और पहले 10दिनों में आपको 20000…

भाषा , व्याकरण ,वर्तनी और साहित्य

अक्सर ही देखता हूँ कि लेखन और भाषा ज्ञान की एक सार्थक बहस चल रही है। कुछ लोग हमेशा भाषा सम्प्रेषण का माध्यम है, साहित्य वस्तु है जो सम्प्रेषित होनी है। भाषा वस्त्र है, साहित्य शरीर और आत्मा है।Creativity एक ईष्वर प्रदत्त उपहार है, जिसको एक्सप्रेस करने के लिए हम भाषा का सहारा लेते हैं,…

Mathematics vs humanities

Quadratic equation and linear equation were 2 very benign , innocent problems posed to a mathematics student at the level of Xth standard. He knew the trick and it was bound to yield accurate result. With the addition of logarithmic, binomial series, differential and integral calculus in XII standard , it made things more robotic.…

हिंदी में कहानी उपन्यास के विषयों पर विमर्श

स्त्री -पुरुष सम्बन्ध सदियों से कहानियों का प्रिय, प्रमुख विषय रहा है। प्रेम प्रधान, काम प्रधान, विषाद प्रधान या वियोग प्रधान, छल प्रधान या इनके फैले कैनवास में कहीं के भी रंग या इनकी मिलती काटती बाउंड्रीज के रंग अक्सर ही आपको मिलेंगे। जो भावनाओं, अनुभवों को पकड़ने वाला जितना अच्छा चितेरा , उतना ही…

Education in India

Education Education is getting so costly. Why are we not doing anything for this? Private institution brings lot of glamour , low salary to its teachers. And Government set up brings good salary but poor quality with itself. Government schools are not getting adequate students despite MDM , free uniform etc . Infrastructure in these…

Matter of oft experience

पुराना_अनुभव ये भी किसी विज्ञान के नियम की तरह ही है। बात पुरानी, पर हर बार नई लगती है। जब भी कोई व्यक्ति नया काम शुरू करता है, तो एक समय तक उसे कोई घास नही देता। वह दिन रात फिक्र में घूमता है, पर काम नही मिलता जब तक कि कोई उसे आज़माने का…

किताबों के पाठक

पाठकबनाम रसिक 100 रुपये से 200 रुपये किसी व्यक्ति के लिए आजकल नगण्य रकम हो गयी है। फ़िल्म देखने मे 500 रूपये खर्च हो जाते हैं। परंतु मैने देखा है कि किसी को यह कह दो कि मेरी किताब खरीद कर पढ़ लेना, तो आदमी हाँ कह कर भी नही करता है। मेरी समझ से…