Performance Pressure

एक टफ मैनेजर था, प्रोडक्टिविटी ओरिएंटेड।उसने कुछ मुर्गियां पाली। ज़िन्दगी आराम से गुज़र रही थी, सात दिन में एक अंडा देना होता था। फिर उसने इसे घटा कर 6 दिन कर दिया। ज़िन्दगी में झोल आया ,पर एडजस्ट कर गए।मैनेजर ने कुछ दिन बाद टारगेट बढ़ा दिया। 5 दिन में एक। थोड़ी खलबली मची, धीरे…

नई किताब से

बेलहिया एक मझौले किस्म का गाॅंव था। पूरा मुकाम ,ग्राम बेलहिया: थाना मस्तानपुर, जिला फैजाबाद। नजदीकी डामर सड़क मार्ग से लगभग 2 किमी दूर था परन्तु उस तक खड़ंजे से पहुच गया था। अभी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रसार होना बाकी था, मगर कुछ सरकारी योजनाओं के फलीभूत आवागमन का एक वर्षानिरोधी मार्ग बन…

नई किताब से

ठीक तीसरे दिन रात 9 बजे 011 कोड से एक अज्ञात नंबर से उसके मोबाइल पर फोन आया। उसका दिल धड़क गया और अनजाने ही लगने लगा कि ये उसी का फोन है। मधुर कोमल आवाज में चित्रा ने कहा –“मै हॅू ……………चित्रा।“ एकदम से कलेजे को ठंडक पड़ी। कल से ही वो अजीब बेचैनी…

#Knowledge makes u #humble

Do u know , When do u know deep? I remember , when one professor was bombarded with all kinds of doubt about insulation resistance. He patiently answered all to everybody’s satisfaction. People had this ambiguity in their minds for ages now . How does cable insulation behave on application of voltage longitudnally,transversely? What does’…

बनारस टाकीज पर एक टिप्पणी

मैंने सत्य व्यास के तीनो उपन्यास पढ़े। पहला यानि बनारस टाकीज़ तब पढ़ा था जब मैने किसी नए लेखक का नाम भी नहीं सुन रखा था। एक दिन जैन बुक डिपो दिल्ली गया था . क्योंकि मै खुद लिख रहा था तो मै जानना चाह रहा था की नए लेखक कैसा लिखते हैं. ये किताब…

पुराना अनुभव

ये भी किसी विज्ञान के नियम की तरह ही है। बात पुरानी, पर हर बार नई लगती है। जब भी कोई व्यक्ति नया काम शुरू करता है, तो एक समय तक उसे कोई घास नही देता। वह दिन रात फिक्र में घूमता है, पर काम नही मिलता जब तक कि कोई उसे आज़माने का खतरा…

अनुपमा गांगुली का चौथा प्यार

कई दिनों से सोच रहा था कि जो किताब पढ़ो उसका रिव्यु भी लिखा करूँ। शुरुआत करता हूँ। आगे बाकियों का भी लिखूंगा। अनुपमा गांगुली का चौथा प्यार , 8 कहानियों का संग्रह है और अंत मे एक कई कहानियों की कहानी है, जो मैंने अभी नही पढ़ी। पर कहानियां पढ़ते वक्त एक परिपक्व लेखन…

Vibrancy on social media

I am member to many whatsapp and facebook groups and despite my busy shitty life, I peep in and observe conversation, trend , sitting at a distance. I invariably find that only those social media groups are vibrant, which have male -female interaction. This male-female interaction is little titillating, laced with beautiful selfie poses from…

हम और हमारी दुनिया

हम अपनी दुनिया खुद बुनते हैं।अगर हमने फेसबुक या व्हाट्सप्प पर एक ग्रुप और कुछ फॉलोवर बना लिए तो हमारे अटेंशन में केवल उन तक की बातें ही आती हैं। ये रियल लाइफ और वर्चुअल लाइफ फ्रेंड्स दोनों पर लागू है। फ़र्ज़ कीजिये, आप अचानक शेयर में ट्रेड करने लगे। और पहले 10दिनों में आपको 20000…