अब तो बरस जाओ

सावन में फुहार को तरस गए। मौसम इस बार सख्त माशूका की तरह कड़ा इम्तहान ले रहा है। अल्लाह खैर करे।

  1. बहुत अच्छी सुरुआत बाकियो के लिए प्रेरणा

  2. रण विजय अर्थात युद्ध को जीतने वाला आप अपने नाम के अनुसार ही अब तक के अपने सारे व्यक्तिगत एवम पेशेवर युद्धों को जीतते हुए आज उस मुक़ाम पर पहुंच गए हैं। जो युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है।
    आप ऐसे ही कलम के सिपाही बनकर ऐसे कई मुकाम हासिल करे जो लोगो को आप से खुद को मजबूरन जोड़ने को मजबूर कर दे।
    अंत मे आपके उज्जवल भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएं।
    धन्यवाद

  3. अत्यंत प्रेरणादायक और सराहनीय कदम ।
    “दर्द माँजता है” जैसी उत्कृष्ट कहानी संग्रह के बाद आपकी अगली कृति की प्रतीक्षा में आपका एक मुरीद पाठक
    विनय पाण्डेय

  4. बहुत खूब लिखा है भैया शानदार 👌
    चार लाइन मेरी तरफ से भी आपके लिए 🙏🤗💐
    👇

    अबके सावन में किसी की भी माशूक़ा न रूठे
    अल्लाह करे इस बार किसी का दिल न टूटे
    सावन में इस तपिश को यूँ हम बेअसर कर देंगे
    खुदा कर इतना क़रम की हमारा साथ न छूटे
    …….
    ©💧

  5. क्या कहूँ। ।।।।दिल निकालकर रख लो आप हम सबका……सचमुच शानदार……Mr. Writer…..

  6. क्या कहूँ …….दिल निकालकर रख लो आप हम सब का…..सचमुच बेहद शानदार लिखते हो आप…..Mr. Writer….

  7. बधाई हो भैया, शानदार लेखन.. सदैव इसी भाँति लिखते रहो और हमें मनपसन्द लेख की खुराक देते रहो…

  8. Good Initiative.
    It should be vibrant so that people can exchange their views.

    Best wishes

    1. शुक्रिया। आपकी शुभकामनाएं मेरी संजीवनी हैं-रणविजय

  9. आदरणीय भ्राताश्री
    सादर प्रणाम
    मै आपका अनुज रणधीर कुमार चौधरी , ज. न. वि. खगड़िया , बिहार से हू। आपको अनेको शुभकामना.

    1. शुक्रिया। आपकी शुभकामनाएं मेरी संजीवनी हैं-रणविजय

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